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Vaishakh Purnima 2020 in Hindi |
Vaishakh Purnima 2020 in Hindi : आज वैशाख पूर्णिमा, करें भगवान विष्णु की पूजा, जानें विधि, मुहूर्त, मंत्र एवं महत्व
Vaishakh Purnima 2020 in Hindi: 7 मई 2020 को वैशाख पूर्णिमा है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा सभी पूर्णिमा तिथियों में श्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से की जाती है। भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, और उन्हें बैकुंठ में भी जगह मिलती है। वैशाख पूर्णिमा(Vaishakh Purnima 2020) के दिन दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पूजा का मुहूर्त, विधि, मंत्र एवं महत्व(Significance Of Vaishakh Purnima) क्या है?वैशाख पूर्णिमा का महत्व (Significance Of Vaishakh Purnima in Hindi)
हमारे पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी तिथि माना गया है। इस दिन पिछले एक महीने से चला आ रहा वैशाख स्नान एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है। मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है। आज के दिन पूजा करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। सभी संकटों का नाश कर देते हैं।* पुराणों में वर्णित हैं कि इस दिन प्रातः नदियों एवं पवित्र सरोवरों में स्नान के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व कहा गया है। धर्मराज के निमित्त जल से भरा हुआ कलश, पकवान एवं मिष्ठान आज के दिन वितरित करना, गौदान के समान फल देने वाले बताए गए हैं।
* वैशाखी पूर्णिमा के दिन शक्कर और तिल दान करने से अनजान में हुए पापों का भी क्षय हो जाता है।
* पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी से भरा हुआ पात्र, तिल और शक्कर स्थापित कर पूजन करना चाहिए। यदि हो सके तो पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
* पितरों के निमित्त पवित्र नदियों में स्नान कर हाथ में तिल रखकर तर्पण करने से पितरों की तृप्त होते हैं एवं उनका आशीर्वाद मिलता है।
* पुराणों के अनुसार वैशाख का यह पक्ष पूजा-उपासना के लिए विशेष महत्वपूर्ण कहा गया है।
वैशाख पूर्णिमा मुहूर्त (Vaishakh Purnima Muhurat 2020 in Hindi)
पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा तिथि 06 मई 2020 को रात 07:44 बजे से प्रारंभ हुई। इसका समापन 07 मई 2020 दिन गुरुवार को शाम 04:14 बजे होगा। भगवान विष्णु की पूजा प्रात:काल या सूर्योदय के बाद होगी, ऐसे में वैशाख पूर्णिमा की पूजा 07 मई दिन गुरुवार को की जाएगी।
वैशाख पूर्णिमा की पूजा विधि (Vaishakh Purnima puja vidhi 2020 in hindi)
वैशाख पूर्णिमा के दिन प्रात:काल घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिला लें और स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठ जाएं। अब एक साफ चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और जल से अभिषेक करें। घी से भरा हुआ पात्र, तिल और शक्कर प्रतिमा के सामने स्थापित करें। फिर उनको पुष्प, अक्षत्, चंदन, तुलसी, पंचामृत, मिठाई, फल आदि अर्पित करें। धूप, दीप और गंध आदि भी चढ़ा दें। तिल के तेल का दीपक जलाएं।
पूजा के दौरान ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र (Vaishakh Purnima Puja Mantra) का उच्चारण करें। अब आप विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें। अंत में भगवान विष्णु की आरती करें। पूजा समापन के बाद प्रसाद प्रियजनों में वितरित कर दें। शक्कर और तिल दान करें, जिससे आपके अनजाने में किए गए पापों का नाश हो जाए। अंत में आप भी प्रसाद ग्रहण करें।
वैशाख पूर्णिमा का त्यौहार (Vaishakh Purnima Vrat 2020 in Hindi)
वैशाख पूर्णिमा का त्यौहार सभी हिन्दुओं के लिए विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि इस दिन यह व्रत रखने से व्रती की दरिद्रता दूर होती है और उसके बिगड़े काम बनते हैं. कथा के अनुसार अपने पास मदद के लिए आये भगवान श्री कृष्ण ने मित्र सुदामा को भी इसी व्रत का विधान बताया था, जिसके पश्चात उनकी गरीबी दूर हुई. मान्यता यह भी है कि धर्मराज सत्य विनायक व्रत से प्रसन्न होते हैं.अत: इस व्रत को विधिपूर्वक करने से व्रती को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. इस दिनगंगा स्नान का भी विशेष महत्व है. इस दिन स्नान करने से व्यक्ति के पिछले कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है. यह स्नान लाभ की दृष्टि से अंतिम पर्व माना जाता है. पूर्णिमा विशेष तौर पर धन की देवी माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का दिन माना जाता है.
इस दिन विशेष तौर से सूर्योदय से पूर्व उठकर घर में साफ-सफाई जरूर करें. पूजा के दौरान गाय के घी का दीपक जलाएं. धूप करें और कपूर जलाएं. परिवार सहित देवी लक्ष्मी-विष्णु देव और भगवान बुद्ध की पूजा करें. मां लक्ष्मी को मखाने की खीर, साबू दाने की खीर या किसी सफेद मिठाई का भोग लगाएं. पूजा के बाद सभी में प्रसाद बाटें. ध्यान रखें कि इस दिन घर में कलह का माहौल बिल्कुल न हो.
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