कहते हैं अगर साई बाबा का व्रत 9 गुरुवार तक लगातार किया जाए, तो साईं भक्त की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। फिर चाहे वह मनोकामना नौकरी, शादी, स्थानांतरण की हो या फिर किसी भी तरह की।
दुख से भरे मन को साईं सहारा देते हैं। गुरुवार का दिन साईं का रहता है और इस दिन जो साईं भक्त व्रत और पूजा करता है। साईं की उस पर विशेष कृपा बरसती है। साईं बाबा का व्रत कोई भी कर सकता है।
यहां तक की बच्चें भी साईं के व्रत को कर सकते हैं। साईं अपने भक्तों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते हैं, अमीर हो या गरीब सभी बाबा के दर पर आते हैं और झोली भरकर खुशियां ले जाते हैं।
साईं बाबा का व्रत एक बार शुरु करने के बाद 9 गुरुवार तक किया जाता है। इस व्रत को आप बीच में नहीं छोड़ सकते हैं। मुश्किल कैसी भी हो 9 व्रत पूरे तक इसे नहीं छोड़ा जा सकता है।
जब 9 व्रत करते हुए नौ गुरुवार पूरे हो जाएं तो पांच गरीबों को भोजन और अपनी इच्छानुसार दान देना होता है। इसके साथ ही साईं बाबा की पुस्तकें भी बांटनी होती हैं।
गुरुवार के दिन शुक्लपक्ष या कृष्णपक्ष किसी भी तिथि में व्रत शुरु कर सकते हैं। 9 गुरुवार तक व्रत करने से मकान मिलना, नौकरी मिलना या विदेश यात्रा पर जाना संभव हो पाता है।
मान्यता है कि साईं को कुमकुम लगाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मौली (कलावा या रक्षा सूत्र) बांधने से इंसान मर्यादा में रहता है। दूध अर्पित करने से वंश की वृद्धि होती है। दही समर्पित करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और शहद अर्पित करने से जीवन में मधुरता आती है।
साईं बाबा की पूजा करते समय हमेशा दाहिनी और घी का दीपक और बायीं और तेल का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। घी का दीपक प्रज्वलित करने से घर में यश और खुशी की आती है और तेल का दीपक प्रज्वलित करने से किसी भी प्रकार की गृहदशा, मंगल दोष शनिदोष दूर होता है।

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